मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रमिकों के साथ-साथ ठेला, खोमचा, रेहड़ी, रिक्शा, ई-रिक्शा, पल्लेदार, या अन्य सेवाएं देने वाले लोगों के बैंक खातों में आज एक-एक हजार रुपये डीबीटी के जरिए भेज दिए। कुुुल 4.81 लाख लोगों के लिए 48 करोड़ 17 लाख 55 हजार रुपये जारी किए गए।

मुख्यमंत्री ने अपने आवास पर वीडिया कांफ्रेंसिंग के जरिए इन लाभार्थियों को लाभान्वित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि बहुत आवश्यक हो तभी लोग घर के बाहर निकलें अन्यथा घर में रहें। सोशल डिस्टेंसिंग व स्वच्छता के बारे में दी गई व्यवस्था का पालन करें और घर के बाहर निकलें तो मास्क, गमछा या तौलिया लपेटकर ही बाहर निकलें। 

सीएम योगी ने कहा कि हम सब कोरोना महामारी को हराने में तभी कामयाब होंगे, जब हम प्रधानमंत्री द्वारा बताए सभी निर्देशों का सभी लोग मिलकर अक्षरशः पालन करेंगे। 

·मुख्यमंत्री ने कहा कि कम्युनिटी किचन के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था, स्वास्थ्य आदि की सुविधाएं प्रदेश व केंद्र की सरकारें मिलकर प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाने का कार्य कर रही है। 

लंबे समय से उपेक्षित 4 लाख 81 हजार नगरीय क्षेत्रों के वेंडर्स की सहायता करने का कार्य किया जा रहा है। जिन लोगों के पास राशन कार्ड या कोई अन्य सुविधा नहीं है, उन लोगों को भी यह सुविधाएं दी जा रही हैं। संकट के समय में केंद्र व यूपी सरकार पूरी तरह मजबूती के साथ गरीबों के साथ खड़ी है। 

जनधन योजना में जिन महिलाओं के खाते हैं, उन्हें 500 प्रतिमाह आगामी तीन महीने तक देने की व्यवस्था है। इसके साथ ही उज्ज्वला योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को अगले तीन महीने तक गैस सिलेंडर निःशुल्क उपलब्ध कराया जाना है। प्रदेश में 1 अप्रैल से खाद्यान्न का वितरण आरंभ हो गया है। 

प्रधानमंत्री ने  ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज’ की घोषणा की है। जिसमें प्रदेश के 2 करोड़ 34 लाख किसानों को 2,000 प्रतिमाह आगामी तीन महीनों तक दिए जाने की व्यवस्था है।

इसके साथ ही, वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन या फिर अन्य पेंशन योजनाओं से जुड़े 87 लाख परिवारों को हमने समय से पहले उनकी पेंशन उपलब्ध कराई है  प्रदेश में 88 लाख मनरेगा श्रमिकों के मानदेय को बढ़ाकर 202 किया गया है। लगभग 27 लाख 15 हजार से अधिक मनरेगा श्रमिकों, जिनकी बहुत दिनों से कुछ राशि बकाया थी, उन्हें एकमुश्त राशि दी गई.

स्वाभाविक रूप से इस समय लाकडाउन के कारण इन सभी का कार्य प्रभावित है। इन सभी को भरण-पोषण का भत्ता दिया जाना चाहिए। ऐसे 15 लाख से अधिक दैनिक काम करने वाले लोगों को भी हम धनराशि उपलब्ध करवा रहे है। 11 लाख से अधिक निर्माण श्रमिकों को 1000 की धनराशि उनके खाते में उपलब्ध करवाई जा चुकी है। हम 20 लाख निर्माण श्रमिकों को यह धनराशि उपलब्ध करवा रहे हैं। कोरोना महामारी से बचाव के लिए हुए लॉकडाउन के कारण जिन लोगों की आजीविका बुरी तरह प्रभावित हुई है उन्हें कुछ सहयोग किया जा सके।

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